Vidyalaya In Hindi Essays


मेरा स्कूल मोहनपुर गांव में है। हमारे विद्यालय में बच्चों को बहुत अच्छी शिक्षा मिलती है। हमारे विद्यालय में टीचर बड़ी प्रेम से बच्चे को बहुत सारा चीज सिखाते हैं। हमारे स्कूल में 10 टीचर हैं। इस स्कूल में क्लास एक से क्लास आठ तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में सभी बच्चे आपस में मिलजुल कर पढ़ाई करते हैं। बच्चे सिर्फ पढ़ाई ही नहीं करते बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी काफी जमकर हिस्सा लेते हैं। सभी बच्चे अनुशासन का अनुसरण करते हैं।

हमारे पाठशाला में सभी बच्चों का ध्यान रखा जाता है। अगर किसी बच्चे को पढ़ाई में दिक्कत होती है तो उसके लिए अलग से टीचर उस पर ध्यान देते हैं। इस विद्यालय में मिलने वाली शिक्षा से हम लोगों को काफी फायदा होता है। हम लोग बहुत कुछ जान पाते हैं, जो हमारे आगे के जीवन के लिए काफी उपयोगी होने वाली है।

हमारे स्कूल में बच्चे को लाने और वापस घर पर छोड़ने के लिए बस की व्यवस्था भी है। हमारे स्कूल का प्रयोगशाला भी काफी अच्छा है जहां पर बच्चे प्रैक्टिकल करते हैं और बहुत कुछ सीखते हैं। हमारे स्कूल में कुछ बच्चे काफी शरारती हैं उन्हें कभी-कभी सजा भी मिलती है। हमारे स्कूल के प्रिंसिपल बहुत ही अच्छे हैं। हमारे स्कूल में बहुत सारी सुविधाएं हैं। यहां पर पीने का स्वच्छ पानी मिलता है और शौचालय भी स्वच्छ रहता है। इस विद्यालय में सभी बच्चों पर पूरा-पूरा ध्यान दिया जाता है।

(word count: 235)

मेरा विद्यालय

Mera Vidyalaya 

प्रस्तावना – विद्यालय विद्वता का पवित्र स्थान होता है। इसे ‘मां भगवती सरस्वती का मन्दिर’ कहा जाता है। मैं चन्दौसी (मुरादाबाद) के बी०एम० कॉलेज में पढ़ता हूं।

मेरा आदर्श विद्यालय एक कॉलोनी के माकेंट के पास स्थित है। यह शोरगुल से । दूर है एवं एक ऊंची चारदीवारी से घिरा हुआ है। इस स्कूल में पचास कमरे और एक बड़ा खेल का मैदान है। जहां विभिन्न खेल खेले जाते हैं। विद्यालय की दीवारें बाहर से चॉकलेटी तथा अन्दर से सफेद रंग से पुती हुई हैं। स्कूल के सभी कमरे बहुत खुले हुए तथा फर्नीचरयुक्त हैं। हमारे विद्यालय में फूलों की विविध किस्म से युक्त चार बगीचे हैं।

विद्यालय की विशेषतायें – स्कूल में विज्ञान की तीन प्रयोगशालाएं और एक पुस्तकालय है जिसमें विभिन्न विषयों की हजारों कितावें हैं। यहां लगभग 1,500 विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां 60 अध्यापक हैं जो उच्च शिक्षित हैं तथा अपने विषयों को अच्छी तरह पढ़ाते हैं। मेरे प्रधानाचार्य मिस्टर सुन्दर शर्मा विद्यालय को प्रगति के रास्ते पर ले जाने के लिए हर समय प्रयत्नशील रहते हैं। वे विद्यार्थियों को पुत्रवत् तथा शिक्षकों को सहयोगी की भांति मानते हैं।

बच्चों का स्वर्ग सामान  विकास मेरे विद्यालय में पढ़ाई के अलावा बच्चों के सर्वागीण विकास की ओर ध्यान दिया जाता है। उन्हें खेल-कूद में हिस्सा लेने वाद-विवाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। यही वजह है कि मण्डलीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में हमारा विद्यालय अनेक पुरस्कार और ट्राफियां हर वर्ष जीतता है। उन ट्राफियों और शील्ड को कॉमन हॉल में, जहां शिक्षकगणों के साथ प्रधानाचार्य प्रत्येक सप्ताह मीटिंगें करते हैं, वहां सजाकर रखा गया है। उस कॉमन हॉल में चित्रकला प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त की गयी, विद्यार्थियों की बनाई ड्राइंग एण्ड पेण्टिंग्स दीवारों परशोभायमान हैं।उनकी संख्यातीस के आस-पास है। विद्यार्थियों द्वारा बनायीं वे पेण्टिंग्स विद्यालय की धरोहर और उन विद्यार्थियों की शान का प्रतीक हैं जिनके नाम पेण्टिंग्स के नीचे अंकित हैं साथ ही उस वर्ष का तथा प्रतियोगिता के नाम का भी अंकन है जिस प्रतियोगिता में शामिल होकर जिस वर्ष वे पुरस्कृत हुए हैं। जीती हुई ट्राफियों के नीचे भी वर्ष, प्रतियोगिता और विद्यार्थियों के नाम लिखे गये हैं।

उपसंहार – मुझे अपने विद्यालय पर गर्व है। मुझे अपने विद्यालय के अनुशासन । पर भी गर्व है। यद्यपि मैं क्रीड़ा प्रतियोगिता व चित्रकला में हिस्सा नहीं लेता क्योंकि मेरा स्वास्थ्य क्रीड़ा प्रतियोगिता में हिस्सा लेने योग्य नहीं मेरी चित्रकला भी अच्छी नहीं ह। पर में विद्यालय का मेधावी छात्र हूं, अध्यापक और प्रधानाचार्य आशा करते हैं कि इस वर्ष यू०पी० बोर्ड की प्रदेश में मेरिट लिस्ट में मेरा नाम आयेगा। मैं पढ़ाई के क्षेत्र में अपने विद्यालय का नाम रोशन करना चाहता हूं।

December 8, 2017evirtualguru_ajaygourEnglish (Sr. Secondary), LanguagesNo CommentHindi Essay, Hindi essays

About evirtualguru_ajaygour

The main objective of this website is to provide quality study material to all students (from 1st to 12th class of any board) irrespective of their background as our motto is “Education for Everyone”. It is also a very good platform for teachers who want to share their valuable knowledge.

One thought on “Vidyalaya In Hindi Essays

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *