Essay On Health And Exercise In Hindi

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखना एक व्यक्ति को स्वस्थ और अच्छाई की सामान्य स्थिति में रहने में मदद करते हैं। यह बिना थके या बिना आराम के शारीरिक गतिविधियों को करने की क्षमता प्रदान करता है। यद्यपि, स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखने के लिए सन्तुलित भोजन के साथ नियमित शारीरिक व्यायाम की आवश्यकता होती है। तंदरुस्त, स्वस्थ, बीमारियों से निडर रहने और अन्य बहुत से लाभों के लिए, अपने स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखना बहुत आवश्यक है।

आजकल, शिक्षक अपने विद्यार्थियों में हिन्दी लेखन कौशल और ज्ञान को बढ़ाने के साथ ही जागरुकता फैलाने के लिए आमतौर पर पूरा निबंध या कुछ पैराग्राफ लिखने के लिए देते हैं। स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध निम्नलिखित है, जो स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर छोटे निबंध व बड़े निबंधों की श्रेणी में विद्यार्थियों की अपने कार्य को पूरा करने में मदद करने के लिए लिखे गए हैं। सभी स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध बहुत ही आसान शब्दों में लिखे गए हैं। इसलिए, आप इनमें से कोई भी निबंध अपनी आवश्यकता और जरुरत के अनुसार चुन सकते हैं।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध (हेल्थ एंड फिटनेस एस्से)

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 1 (100 शब्द)

अच्छे स्वास्थ्य और तंदरुस्ती वाला एक व्यक्ति अपना जीवन पूरे उत्साह के साथ जीता है। एक व्यक्ति के लिए शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ होना स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और तंदरुस्त लोगों को बीमारियों का खतरा कम रहता है। तंदरुस्त होने का अर्थ केवल शारीरिक रुप से फिट रहना नहीं है, बल्कि इसका अर्थ एक व्यक्ति की स्वस्थ मानसिक स्थिति से भी है। यदि कोई शारीरिक रुप से तंदरुस्त है, तो वह स्वस्थ मानसिक स्थिति को भी प्राप्त कर सकता है।

स्वस्थ और तंदरुस्त रहने का साधारण तरीका नियमित व्यायाम और सन्तुलित भोजन के साथ ही तनाव मुक्त रहना है। वे लोग जो अपना वजन सन्तुलित रखते हैं, उन्हें हृदय और स्वास्थ्य संबंधित अन्य समस्याएं कम होती है। शारीरिक रुप से सक्रिय रहने वाले लोग आसानी से मन को शान्त स्थिति में रख सकते हैं। स्वस्थ और तंदरुस्त व्यक्ति अपने जीवन के सभी उतार-चढ़ावों का आसानी से सामना कर सकते हैं और किसी भी गंभीर या कठोर परिवर्तन से कम प्रभावित होते हैं।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 2 (150 शब्द)

बदलते समय के साथ लोग अपने स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के प्रति अधिक जागरुक हो गए हैं। पुरुष अच्छा मांसल शरीर पाना चाहते हैं, वहीं महिलाएं दुबला पतला शरीर पाना चाहती हैं। पूरी तरह से फिट शरीर प्राप्त करने के लिए सभी दैनिक आधार पर बहुत अधिक संघर्ष कर रहे हैं। स्वस्थ और तंदरुस्त शरीर और मन प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक अभ्यास, समय, प्रतिबद्धता, लक्ष्य, विश्वास और संघर्ष का सामना करने के लिए मजबूत मन की आवश्यकता होती है।

कुछ लोगों के पास अपनी तंदरुस्ती को बनाए रखने की क्षमता स्वंय होती है हालांकि, कुछ को नियमित व्यायाम और आहार का ध्यान रखने के लिए अच्छे योग्य प्रशिक्षक की भी आवश्यकता होती है। वे लोग जो कंपनियों के कारोबार में है, वे बहुत कम चलते-फिरते हैं और पूरे दिनभर में बहुत अधिक बैठते हैं। यही कारण है कि, वे मोटापे, अधिक वजन, आलस्य और थके होने की समस्या का सामना अधिक करते हैं। अध्ययन बताते हैं कि, वे लोग जो तंदरुस्त और स्वस्थ है, वे अपने जीवन में अधिक सफलता प्राप्त करते हैं।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 3 (200 शब्द)

स्वास्थ्य सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण आयाम है। किसी भी मनुष्य के लिए स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के अलावा कुछ भी अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। स्वस्थ और तंदरुस्त लोग वास्तव में बहुत खुश और शान्तिपूर्ण जीवन जीने का आनंद लेते हैं। अस्वस्थ लोग अपने जीवन को पूरे उत्साह के साथ नहीं जीते हैं। वह अपने जीवन में कुछ भी खाने, खेल देखने, या जीवन के अन्य आरामों का आनंद नहीं ले पाते हैं। हमारे बड़ों के द्वारा सही कहा गया है कि, स्वास्थ्य ही धन है। अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए हमें अपने चारों ओर साफ-सफाई और स्वच्छता की सही देखभाल करने की आवश्यकता होती है। हमें समय पर स्वस्थ और पूरा भोजन खाना चाहिए।

हमें हरी और ताजी सब्जियाँ, दूध, ताजे फल, अंडा आदि खाना चाहिए। हमारे शरीर को प्रोटीन, खनिज और विटामिन की दैनिक आधार पर स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए पर्याप्त मात्रा की आवश्यकता होती है। स्वास्थवर्धक भोजन और शारीरिक गतिविधियों के साथ, हमें व्यक्तिगत सफाई के साथ ही अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता को बनाए रखने की आवश्यकता होती है। शारीरिक और मानसिक तंदरुस्ती एक व्यक्ति के सफल होने और समाज में अच्छा करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के बारे में महात्मा बुद्ध के द्वारा सही कहा गया है कि, “शरीर के स्वास्थ्य को अच्छा रखना हमारा कर्तव्य है, अन्यथा हम अपने मन को मजबूत और स्पष्ट रखने में सक्षम नहीं होंगे।”


 

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 4 (250 शब्द)

बहुत से आम लोग स्वास्थ्य और तंदरुस्त रहने के महत्व को कभी भी महसूस नहीं कर पाते हैं। वे आमतौर पर, अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को कम आंकते हैं, क्योंकि वे इसके लाभों को कभी नहीं जानते हैं। हम सभी जानते हैं कि, स्वास्थ्य ही धन है लेकिन कुछ ही लोग अपने जीवन में इसका पालन करते हैं। स्वस्थ और तंदरुस्त रहना, हमारे दैनिक कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। स्वस्थ्य रहना का अर्थ बीमारी रहित शरीर का ही होना नहीं है, बल्कि तनावमुक्त मन का होना भी है। यदि एक व्यक्ति अस्वस्थ मन रखता है, तो वह अपने शरीर को स्वस्थ नहीं रख सकता है। शरीर और मन दोनों का अच्छा स्वास्थ्य जीवन में सफलता प्राप्त करने और पूरे उत्साह के साथ आनंद करने में मदद करता है। अच्छा मानसिक स्वास्थ्य हमें अच्छा महसूस करता है और स्वस्थ शरीर शारीरिक क्षमता और आत्मविश्वास प्रदान करता है। अच्छा शारीरिक स्वास्थ्य हमारी परेशानी के समय में मदद करता है, वहीं बेकार या खराब शारीरिक स्वास्थ्य हमें अधिक कमजोर बनाता है और हमारे लिए बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

हमें अपने शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने के लिए सभी बिन्दुओं के बारे में जागरुक होने की आवश्यकता है। कुछ लोग बहुत अच्छे से जानते हैं कि, अपने शरीर को साफ-सुथरा और स्वस्थ कैसे रखा जाता ही हालांकि, उनके मन में कुछ परेशानियाँ चलती रहती है, जिसके कारण उन्हें स्वस्थ रहने के लाभ नहीं मिल पाते हैं। मानसिक तनाव धीरे-धीरे शारीरिक स्वास्थ्य को कमजोर कर देता है और शरीर को कमजोर बना देता है। वे लोग जो अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और आलस्य करना, अस्वास्थ्यकर भोजन करना और गतिहीन जीवन को नजरअंदाज करते हैं।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 5 (300 शब्द)

आजकल, लोग अपने व्यस्त जीवन-शैली में बहुत व्यस्त हो गए हैं और उनके पास खुद को स्वस्थ या तंदरुस्त रखने का भी समय नहीं है। यह सत्य है कि, हमें स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए स्वास्थ्यवर्धक खाना चाहिए, अपने आस-पास स्वच्छता रखने का अभ्यास करना चाहिए और नियमित शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि, कठोर परिश्रम का कोई भी विकल्प नहीं है, इसी तरह, स्वास्थ्य और तंदरुस्ती का भी कोई अन्य विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य और तंदरुस्ती स्वस्थ रहन-सहन और स्वस्थ जीवन-शैली का मिश्रण है। स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य का भी स्वस्थ रहना आवश्यक है। हमें शारीरिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए नियमित स्वास्थ्यवर्धक भोजन करना चाहिए और शारीरिक व्यायाम करना चाहिए हालांकि, हमें मानसिक रुप से स्वस्थ रहने के लिए सकारात्मक सोचने की आवश्यकता होती है।

हमें आत्म-प्रेरणा के साथ ही तंदरुस्ती की जीवन-शैली की गतिविधियों में भाग लेने की आवश्यकता होती है। हमें अपने स्वास्थ्य को प्रतिदिन की दिनचर्या के रुप में लेना चाहिए। स्वस्थ्य जीवन शैली के लिए स्वस्थ्य रहना हमारा सबसे बड़ा और पहला उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए घंटों व्यायाम की जरुरत नहीं है, नियमित रुप से प्रतिदिन थोड़ी-सा व्यायाम और स्वस्थ भोजन स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। हमें हमेशा अपनी आँखों को खुला रखना चाहिए और लिफ्ट के स्थान पर सीढियों को चुनना चाहिए, पास के क्षेत्रों में कार या बाइक के स्थान पर साइकिल का प्रयोग करना चाहिए, बस स्टॉप के लिए चलकर जाना चाहिए आदि गतिविधियाँ बहुत अधिक अन्तर का निर्माण करती है। नियमित शारीरिक व्यायाम में शामिल होना न केवल हमें तंदरुस्त रखता है, बल्कि हमारी जीवन-शैली और स्वस्थ जीवन में भी सुधार करता है। यह हमारे ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है और इस प्रकार, हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

हमें सुबह के घूमने, दौड़ने, जिम (व्यायामशाला) में व्यायाम करने, या अन्य शारीरिक गतिविधियों का शरीर के कार्यकरण को ठीक से कार्य कराने के साथ ही मांसपेशियों में सुधार करने के समय का आनंद लेना चाहिए। हमें पाचन संबंधी विकारों से दूर रहने के लिए, रखे हुए या पैक भोजन के स्थान पर ताजी पके हुए भोजन को करना चाहिए।


 

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती पर निबंध 6 (400 शब्द)

परिचय

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती का आशय शारीरिक और मानसिक दोनों का अच्छी स्थिति में होने की स्थिति से है। नियमित व्यायाम और सन्तुलित भोजन एक व्यक्ति के स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को सुधार सकते हैं। एक व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक अच्छाई के रुप में हम स्वास्थ्य को परिभाषित कर सकते हैं। यह केवल बीमारियों, रोग या दुर्बलता की अनुपस्थिति नहीं है। हम किसी भी व्यक्ति की तंदरुस्ती को वातावरण के अनुकूल मिलने वाली माँगों की क्षमता के रुप में परिभाषित कर सकते हैं।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती को कैसे बनाया जाए

स्वंय को स्वस्थ और तंदरुस्त रखने के लिए, हम नियमित रुप से निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं:

  • हमें अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर नियमित रुप से दैनिक शरीरिक व्यायाम में शामिल होना चाहिए। दैनिक आधार पर 30-60 मिनट का व्यायाम या सप्ताह में 5 से 6 बार व्यायाम, किसी भी व्यक्ति के तंदरुस्त रहने के लिए पर्याप्त है।
  • एक व्यक्ति के लिए सही समय पर सही मात्रा में स्वस्थ और स्वच्छ आहार स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए बहुत आवश्यक है। स्वस्थ पोषण के साथ उच्च फाइबर, कम वसा, अधिक प्रोटीन और विटामिन व मिनरल (खनिज) के स्रोत अच्छे स्वास्थ्य के नींव है।
  • तंदरुस्त और स्वस्थ रहने के लिए, सोने की अच्छी व्यवस्था किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक है। हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखने और सोने की सही प्रक्रिया को अपनाने की आवश्यकता है, जो सही समय पर शुरु और खत्म होना चाहिए। हर रात आठ घंटे क नींद लेना हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारता है और हृदय संबंधी रोगों से बचाव करने के साथ ही मानसिक स्थिति को सुधारता है। अपर्याप्त नींद की व्यवस्था नींद से जुड़ी परेशानियों और विभिन्न मानसिक विकारों का नेतृत्व करती है।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती का महत्व

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो बहुत खुशी और शान्ति के साथ जीवन जीना चाहते हैं। एक स्वस्थ और तंदरुस्त व्यक्ति ही पूरे उत्साह के साथ जीवन जीने में सक्षम होता है। हम एक व्यक्ति को स्वस्थ और तंदरुस्त तब कह सकते हैं, यदि वह शारीरिक और मानसिक रुप से तंदरुस्त है। शारीरिक और मानसिक रुप से तंदरुस्त व्यक्ति को बीमारियों का खतरा कम रहता है। किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य और तंदरुस्ती निम्नलिखित चीजों में मदद करती है:

  • बीमारियों के खतरे को कम करना (उच्च रक्त दाब, मधुमेह, हृदय संबंधी बीमारियाँ, पेट का कैंसर, हड्डियों में कमजोरी, मोटापा, ब्रेस्ट कैंसर, आदि)।
  • शारीरिक और मानसिक रुप से बेहतर महसूस कराना।
  • आत्मविश्वास के स्तर को सुधारना।
  • घावों को जल्दी भरना।
  • जीवन में सालों को जोड़कर आयु को लम्बी करने में मदद करना।
  • तनाव को कम करना और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
  • तनाव का स्तर, चिन्ता और अवसाद की भावना को कम करना।

निष्कर्ष

सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए विशेषरुप से युवा पीढ़ी के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियाँ और नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक है। स्वास्थ्य और तंदरुस्ती जीवन में खुशियाँ लाती है और एक व्यक्ति की तनावमुक्त और बीमारी मुक्त जीवन जीने में मदद करती है।

 


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1-बौद्धिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलना

नियमित रूप से 30-45 मिनट के लिये व्यायाम करने से आपके दिमाग के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। यह आपके मूड को भी ठीक करता है। व्यायाम से नई तन्त्रिका कोशिकोओं के निर्माण होता है जिससे अल्ज़ीमर्स और पार्किन्सन्स जैसी बीमारियाँ दूर ही रहती हैं। व्यायाम से जीवन के उत्तरार्ध में विकसित होने वाले पागलपन जैसे लक्षणों से भी बचा जा सकता है।

2-सेक्स का रोचक होना

नियमित व्यायाम से आपके शरीर में ऊर्जा का संचार होता है जिससे आप अपने साथी को सुन्दर लगते हैं। इस सब के साथ आप अपने साथी के साथ बिस्तर में बेहतर वक्त बिता पायेंगे। नियमित व्यायाम से महिलाओं में उत्तेजना जागृत होती है और पुरुषों में सेक्स सम्बन्धी समस्यायों में कमी आती है।

3-चिन्ताओं से दूर होना

व्यायाम द्वारा आने वाले शाँति के अहसास से लगातार आने वाली चिन्ताये दूर होती हैं और आत्मविश्वास के बढ़ने से दिमाग से परेशानियाँ दूर होती हैं।

4-हृदय का स्वस्थ होना

नियमित रूप से व्यायाम करने वाले लोग आसानी से जानलेवा हृदय रोगों से दूर रह सकते हैं। अगर आप के परिवार में पूर्व में किसी को हृदय रोग रहा हो तो शारीरिक श्रम से आप लम्बे समय तक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

5-वजन का नियन्त्रित रहना

स्वस्थ शरीर वाला वजन पाना सभी के लिये एक सपने के समान होता है और नियमित व्यायाम से आप शरीर का वाँछित भार प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप पर्याप्त व्यायाम के साथ संतुलित आहार लें तो आप आसानी से अतिरिक्त भार से निजात पा सकते हैं।

6-मधुमेह का खतरा कम होना

व्यायाम से वजन ही नहीं कम होता बल्कि मोटे लोगों में उम्र के साथ होने वाले मधुमेह के खतरों को भी कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम से रक्त में शर्करा की मात्रा नियन्त्रित रहती है और मधुमेह होने का खतरा कम होता है।

7-ब्‍लड प्रेशर सामान्य रहना

उच्च रक्तचाप गुपचुप तरीके से मृत्यु की ओर ढकेलता है, अपनेआप को उच्च रक्तचाप से बचाने के लिये नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिये। व्यायाम से रक्त संचार बढ़ जाता है और कार्यरत माँसपेशियों में अधिक मात्रा में ऑक्सीजन प्रवाहित करता है। इससे रक्तवाहिकायें भी शिथिल होती हैं और रक्तचाप में कमी में होती है।

8-सहनशक्ति का बढ़ना

व्यायाम से पसीना होता है और थकावट आती है लेकिन इससे सहनशक्ति में वृद्धि और माँसपेशियों में थकावट की कमी जैसे दूरगामी परिणाम प्राप्त होते हैं।

9-प्रतिरक्षण तन्त्र का मजबूत होना

नियमित व्यायाम से प्रतिरक्षण तन्त्र मजबूत होता है और सर्दी-ज़ुकाम जैसी बीमारियों से आप कम ग्रसित होंगें।

10-आपका स्वस्थ रहना

व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है जिससे मोटापे, मधुमेह, हृदयरोग, उच्च रक्तचाप और आघात जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम होता है।

11-खराब कोलेस्ट्राल की मात्रा कम होना

व्यायाम से अच्छे कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ती है जबकि खराब कोलेस्ट्राल की मात्रा में कमी होती है। व्यायाम से धमनियों में जमने वाली परत में भी कमी पाई जाती है।

12-माँसपेशियों का मजबूत होना

व्यायाम से माँसपेशियों में मजबूती आती है जिससे आप वृद्धावस्था में भी आसानी से चल-फिर सकेंगें।

13-मूड का सुधरना

अगर आप मानसिक रूप से उच्चीकृत होना चाहते हैं तो अपने प्रिय भोजन पर भरोसा न करके आपको जिम की तरफ बढ़कर व्यायाम करना चाहिये। व्यायाम आपके मस्तिष्क के रसायनों को उत्तेजित कर आपका मूड ठीक करता है।

14-ऊर्जा का संचार होना

नियमित व्यायाम से आपकी माँसपेशियाँ मजबूत होती हैं, ऊर्जा का संचार होता है और सहनशक्ति आती है। व्यायाम से हमारे ऊतकों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और प्रणाली कारगर रूप में कार्य करती है।

15-बेहतर नींद का आना

काम पर थकावट भरे दिन के बाद शारीरिक श्रम के कारण बिस्तर में जाने पर आप बच्चे की तरह गहरी नींद में सोयेंगें। लेकिन ध्यान रहे कि सोने से पहले व्यायाम न करें।

16-हड्डियाँ स्वस्थ रहना

नियमित व्यायाम से हड्डी बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है जिससे ऑस्टियोपोरेसिस और आर्थराइटिस जैसे हड्डियों की बीमारियों से बचा जा सकता है।

17-कैंसर का खतरा कम होना

व्यायाम से आँत, स्तन और फेफड़ों के कैंसर के खतरों में कमी होती है। जीवन में व्यायाम को सम्मिलित कर विभिन्न प्रकार के कैंसर से अपने-आप को बचायें।

18-चिरायु होना

नियमित व्यायाम से आपके जीवन के कई साल बढ़ जाते हैं और चिरायु होने का सपना हकीकत बन जाता है। व्यायाम से न केवल आपका जीवन लम्बा हो जाता है बल्कि आप स्वस्थ रूप से वृद्ध होते हैं।

19-पीठ का दर्द कम होना

जिन लोगों को पीठ का दर्द और खराब शारीरिक मुद्रा की शिकायत है, वे इन समस्याओं से व्यायाम और खिंचाव उत्पन्न करके निजात पा सकते हैं। व्यायाम पीठ के दर्द का दर्द मुक्त सर्वश्रेष्ठ इलाज है।

20-स्मरण शक्ति का बेहतर होना

नियमित व्यायाम से मस्तिष्क में रसायनों की मात्रा बढ़ती है जिससे नई कोशिकाओं का निर्माण होता है और मस्तिष्क कोशिकायें आपस में जुड़कर हमें नई चीजों को सीखने-समझने में सहायता प्रदान करती हैं। टेनिस और बास्केट-बॉल जैसे जटिल खेलों को अपने व्यायाम में शामिल करके आप सीखने और ध्यान केन्द्रित करने की क्षमताओं को विकास कर सकते हैं।

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